असोथर विकास खंड क्षेत्र में ओवरलोड मोरंग लदे ट्रक और डंपर बेधड़क गांवों की सड़कों से गुजर रहे हैं, जिससे सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार से दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों का जीवन खतरे में पड़ गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर युवा विकास समिति के नेतृत्व में आठ गांवों के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।ओती की खदानों से निकलने वाले ओवरलोड ट्रकों ने इस सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दो साल पहले सड़क का फिर से निर्माण किया गया था, लेकिन अब कोर्रा मोरंग खदान से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पुनः क्षतिग्रस्त हो रही है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके चलते लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे मजबूर होकर धरना देने को विवश हुए हैं।धरने में सुशील सिंह, पूरन सिंह, जियालाल निषाद, राजा सिंह, जयकरन, गोरेलाल प्रजापति, मनोज कुमार, पिंकू यादव, रामपाल समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल हैं। वहीं, महिला प्रदर्शनकारियों में फूलमती, रजनी समेत 500 से अधिक ग्रामीण शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका धरना जारी रहेगा । धरने का नेतृत्व कर रहे युवा विकास समिति के जिला अध्यक्ष ने कहा कि गांवों की सड़कों से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों का तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी
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